पूर्व भाजपा सांसद विनय कटियार को भी नहीं मिलेगी सुरक्षा, अयोध्या फैसले के बीच मामला संवेदनशील
सुप्रीम कोर्ट अयोध्या मामले पर अपना फैसला कभी भी सुना सकता है। इसी बीच सोनिया गांधी, राहुल और प्रियंका गांधी की सुरक्षा का स्तर भी घटाने का फैसला किया गया है। इन तीनों की एसपीजी सुरक्षा चरणबद्ध तरीके से हटाई जाएगी। वहीं, हिंदूवादी छवि के नेता और पूर्व भाजपा सांसद विनय कटियार की दिल्ली में मिलने वाली सुरक्षा पूरी तरह से हटा ली गई है। इससे विनय कटियार की सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं।
विनय कटियार ने अमर उजाला को बताया कि सुप्रीम कोर्ट अपना अहम ऐतिहासिक फैसला सुनाने वाला है। इस फैसले के मद्देनजर पूरे देश में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। इससे निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों की तरफ से प्रयास भी किए जा रहे हैं। लेकिन इसी बीच उनकी दिल्ली में मिलने वाली सुरक्षा पूरी तरह से हटा ली गई है। इससे उनकी सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया है।
पूर्व भाजपा सांसद विनय कटियार ने कहा कि लखनऊ के कमलेश तिवारी हत्याकांड के समय पकड़े गए अपराधियों से पूछताछ के दौरान इस बात का खुलासा हो गया था कि अनेक हिंदू नेता आतंकियों के निशाने पर हैं। कटियार ने बताया कि लगभग डेढ़ महीने पहले केंद्र ने उनकी सुरक्षा हटा ली थी। ऐसे समय में अगर उनके साथ कुछ हो जाता है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?
हालांकि, विनय कटियार को यूपी सरकार की तरफ से जेड प्लस कैटेगरी की सुरक्षा दी जा रही है। लेकिन यह सुरक्षा केवल यूपी तक ही सीमित रहती है। राज्य से बाहर जाने पर तीन दिन से अधिक यह सुरक्षा उन्हें नहींं मिलती। इससे उनके कई कार्यक्रमों में बाधा पड़ रही है। जबकि दिल्ली में दी जाने वाली सुरक्षा माननीयों के साथ पूरे देश में उपलब्ध रहती है।
बता दें कि कुछ अतिवादियों ने हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या गत 18 अक्टूबर को लखनऊ के उनके ही घर में कर दी थी। कुछ अतिवादी उनके उस बयान से नाराज थे जिसमें उन्होंने कथित तौर पर एक धर्म विशेष पर टिप्पणी कर दी थी। इस हमले के पहले उनकी सुरक्षा भी घटा दी गई थी।
इनकी भी हटेगी सुरक्षा
सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से भी एसपीजी श्रेणी वापस ली जाएगी और जेड प्लस कैटेगरी की सुरक्षा मिलेगी। इसी प्रकार इसी वर्ष अप्रैल महीने में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की एसपीजी सुरक्षा भी हटा ली गई थी।
इससे पहले यूपी सरकार ने अप्रैल 2017 में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव, आजम खान, शिवपाल यादव की भी जेड प्लस कैटेगरी सुरक्षा को हटाकर वाई कैटेगरी कर दी गई थी। वहीं, मुजफ्फरपुर दंगे के आरोपी सुरेश राणा की भी सुरक्षा हटा ली गई थी, जबकि संगीत सोम को जेड प्लस की जगह वाई कैटेगरी की सुरक्षा दे दी गई थी।