तीस हजारी हिंसा: बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने फिलहाल हड़ताल ली वापस, पुलिस को 10 दिन का अल्टीमेटम
तीस हजारी कोर्ट में वकीलों और पुलिस के बीच हुए बवाल को आज पांच दिन हो चुके हैं। वकीलों की मांग है कि जबतक आरोपी पुलिस वालों को गिरफ्तार नहीं किया जाता है वह काम नहीं लौटेंगे।
इस बीच आज बार काउंसिल ऑफ इंडिया, बार काउंसिल ऑफ दिल्ली और दिल्ली के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार असोसिएशंस की कोऑर्डिनेशन कमेटी की संयुक्त बैठक में हड़ताल को स्थगित करने का संकल्प लिया गया।
इससे पहले बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष ने कहा कि यदि आरोपी पुलिस वालों को 10 दिन में गिरफ्तार नहीं किया जाता है तो इस हड़ताल को देशव्यापी बनाया जाएगा।
वहीं वकीलों के हड़ताल के पांचवें दिन निचली अदालतों में कामकाज ठप रहा। वकील आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अड़े रहे।
तीस हजारी, साकेत, द्वारका, रोहिणी, कड़कड़डूमा कोर्ट और राउज एवेन्यू कोर्ट में वकीलों की हड़ताल से लोगों को परेशानी हुई। हालांकि इस दौरान लोगों को अदालतों तक पहुंचने दिया गया और पिछले कई दिनों से अदालत आ रहे लोगों को उनके केसों के सिलसिले में अगली तारीख मिल गई। इस दौरान सभी निचली अदालतों में जजों ने काम जारी रखा, लेकिन वकीलों की हड़ताल के कारण फिलहाल किसी भी मामले की सुनवाई नहीं हो रही है।
सभी अदालतों में वकीलों की हड़ताल शांतिपूर्ण रही। इस बीच वकीलों ने कोर्ट आने वाले लोगों को उनकी संबंधित कोर्ट तक पहुंचाने में मदद भी की। लेकिन पुलिसकर्मी अदालतों से दूर दिखाई दिए।
इस बीच आज बार काउंसिल ऑफ इंडिया, बार काउंसिल ऑफ दिल्ली और दिल्ली के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार असोसिएशंस की कोऑर्डिनेशन कमेटी की संयुक्त बैठक में हड़ताल को स्थगित करने का संकल्प लिया गया।
इससे पहले बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष ने कहा कि यदि आरोपी पुलिस वालों को 10 दिन में गिरफ्तार नहीं किया जाता है तो इस हड़ताल को देशव्यापी बनाया जाएगा।
वहीं वकीलों के हड़ताल के पांचवें दिन निचली अदालतों में कामकाज ठप रहा। वकील आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अड़े रहे।
तीस हजारी, साकेत, द्वारका, रोहिणी, कड़कड़डूमा कोर्ट और राउज एवेन्यू कोर्ट में वकीलों की हड़ताल से लोगों को परेशानी हुई। हालांकि इस दौरान लोगों को अदालतों तक पहुंचने दिया गया और पिछले कई दिनों से अदालत आ रहे लोगों को उनके केसों के सिलसिले में अगली तारीख मिल गई। इस दौरान सभी निचली अदालतों में जजों ने काम जारी रखा, लेकिन वकीलों की हड़ताल के कारण फिलहाल किसी भी मामले की सुनवाई नहीं हो रही है।
सभी अदालतों में वकीलों की हड़ताल शांतिपूर्ण रही। इस बीच वकीलों ने कोर्ट आने वाले लोगों को उनकी संबंधित कोर्ट तक पहुंचाने में मदद भी की। लेकिन पुलिसकर्मी अदालतों से दूर दिखाई दिए।