घरों में नाम मात्र की इस्तेमाल हो रही प्याज, सब्जियों की बढ़ी कीमतों ने बिगाड़ा रसोई का बजट

 


घरों में नाम मात्र की इस्तेमाल हो रही प्याज, सब्जियों की बढ़ी कीमतों ने बिगाड़ा रसोई का बजट 


आम तौर पर सर्दियां शुरू होने के बाद मौसमी सब्जियों के दाम में कमी आती है और कम कीमत में अच्छी हरी-भरी सब्जियों का स्वाद मिल जाता है, लेकिन इस वर्ष ऐसा नहीं है। दिसंबर का पहला सप्ताह बीतने को है, लेकिन मौसमी सब्जियों के दाम कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। 


 

आम तौर पर नवंबर के अंत व दिसंबर की शुरुआत होते-होते फूल गोभी, पत्ता गोभी, आलू, टमाटर, बैगन, प्याज, पालक, मटर,  मूली, गाजर समेत अन्य सब्जियों की कीमतें काफी कम हो जाती हैं और यह सब्जियां बेहद निचले तबके की पहुंच में भी होती हैं, लेकिन इस वर्ष मौसमी सब्जियों के दाम भी आसमान छू रहे हैं। 

ऐसे में सब्जियों की कीमतों ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। प्याज की कीमतों की बात करें तो गृहणियां अब इसका नाम भी नहीं लेती हैं, वजह साफ है प्याज की कीमत कम होने की बजाय लगतार बढ़ रही हैं। 

प्याज की कीमतें आसमान पर : 

पखवाड़े भर पहले तक प्याज 70-80 रुपये किलो में उपलब्ध थी, जो अब 100-120 रुपये प्रति किलो बिक रही है। वहीं, लहसुन 300-350 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। प्याज की बढ़ी हुई कीमतों की वजह से गली-मोहल्लों में जाने वाले सब्जी विक्रेताओं ने अब प्याज रखना ही बंद कर दिया है। पटेल नगर में घर-घर जाकर सब्जी बेंचने वाले राम रहीश ने बताया कि प्याज की कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि लोग लेना पसंद ही नहीं कर रहे। वे जो प्याज लाते भी है वह कम ही बिक रहा है।



उत्पादन कम होने से बढ़ी कीमतें : 


सदर बाजार के समीप सब्जी मंडी में अपनी दुकान लगाने वाले कपिल ने बताया कि उत्पादन काफी कम होने के कारण थोक में ही सब्जियां महंगी मिल रही हैं, तो उन्हें भी बढ़ी हुई कीमतों में सब्जी बेंचनी पड़ रही है। सब्जियों की कीमतें बढने के कारण बिक्री पर भी इसका असर पड़ा है, लेकिन सब्जी विक्रेता मुनाफे के साथ कोई समझौता नहीं कर सकते, इसलिए कीमतें भी कम करने को तैयार नहीं हैं

सब्जियों की कीमतें (प्रति किलो में) : 
सब्जियां   अब           पिछले वर्ष 
आलू      30                    20
टमाटर    30-40        20-30
फूल गोभी 40-50      20-30
पत्ती गोभी 50-60    30-40
अदरक     100            70-80
प्याज      100-120    50-60
बींस      80                      50
गाजर    40-60          30-40
खीरा     40-50          30-40
बैगन     40-45          15-20
मूली     20-30           10-15
लौकी    40-50        20-30
पालक   40                   20
मेथी     50                    20